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-   -   गीत : हुस्न का रंग हम पर बरसने भी दो (http://www.shayri.com/forums/showthread.php?t=79892)

MUKESH PANDEY 25th May 2016 12:06 AM

गीत : हुस्न का रंग हम पर बरसने भी दो
 
हुस्न का रंग हम पर बरसने भी दो,

फूल खिलने से पहले बिखर जाए ना ।

प्यार के बादलों को बरसने भी दो,

ये मोहब्बत का मौसम गुजर जाए ना ।

हुस्न का रंग................

वो क्या मौसम थे अपने मिलन के सनम,

हम बुलाते जिधर तुम आ जाते उधर ।

अब वो मौसम नही वो मिलन भी नही ,

हम अकेले इधर तुम अकेले उधर ।

है खुदा से गुजारिश यही अब सनम,

हम मिलें रात को और सहर आए ना ।

हुस्न का रंग................

जब भी याद आई हमको तुम्हारी हँसी ,

हम भी हँसते रहे और हँसाते रहे ।

जब भी याद आए आँसू तुम्हारे हमें,

हम भी चुपके से आँसू बहाते रहे ।

कट सके जो सफर बिन तुम्हारे सनम,

मेरे जीवन में ऐसा सफर आए ना

हुस्न का रंग................

तुम को दिल के सिवा क्या करूँ मैं अता,

प्रेम ही मेरी पूँजी तुम्हे है पता ।

तुमको देखूँ तो पलके झपकती नही ,

दिल को कैसे सँभालें हमे दो बता ।

अब जुदाई के बारे में सोचो न तुम ,

यूँ ही हँसते हुए आँख भर आए ना ।

हुस्न का रंग................

By : मुकेश पाण्डेय


sameer'shaad' 25th May 2016 06:48 AM

waah mukesh ji itni dhamaakedaar peshkash kar di hai aapne ke baar baar padh raha hoon aapki kavitaa....

bahut acchaa likha hai aapne.. likhte rahiye

Shaad....

Madhu 14 25th May 2016 11:53 AM

waaah.....bahut pyari kavita mukesh ji..likhte rahiye...

MUKESH PANDEY 26th May 2016 11:40 PM

Quote:

Originally Posted by sameer'shaad' (Post 492980)
waah mukesh ji itni dhamaakedaar peshkash kar di hai aapne ke baar baar padh raha hoon aapki kavitaa....

bahut acchaa likha hai aapne.. likhte rahiye

Shaad....

शुक्रिया Shaad जी । आगे और भी अच्छी रचनाए लिखता रहूँगा । ऐसे ही दुवाएँ देते रहिए ।

Rajeev Sharma 7th June 2016 12:16 PM

lazwaaaaaaaaaaaaab ji bahut khub.................

sunita thakur 7th June 2016 12:19 PM

areee wahhh...Mukesh ji...bahut hi khoobsurat likha hai aapne, aapko aaj pehli baar pad rhi hu...bahut accha lga aapko padkar.

:)

Mujahid Ali 7th June 2016 10:51 PM

Quote:

Originally Posted by MUKESH PANDEY (Post 492971)
हुस्न का रंग हम पर बरसने भी दो,

फूल खिलने से पहले बिखर जाए ना ।

प्यार के बादलों को बरसने भी दो,

ये मोहब्बत का मौसम गुजर जाए ना ।

हुस्न का रंग................

वो क्या मौसम थे अपने मिलन के सनम,

हम बुलाते जिधर तुम आ जाते उधर ।

अब वो मौसम नही वो मिलन भी नही ,

हम अकेले इधर तुम अकेले उधर ।

है खुदा से गुजारिश यही अब सनम,

हम मिलें रात को और सहर आए ना ।

हुस्न का रंग................

जब भी याद आई हमको तुम्हारी हँसी ,

हम भी हँसते रहे और हँसाते रहे ।

जब भी याद आए आँसू तुम्हारे हमें,

हम भी चुपके से आँसू बहाते रहे ।

कट सके जो सफर बिन तुम्हारे सनम,

मेरे जीवन में ऐसा सफर आए ना

हुस्न का रंग................

तुम को दिल के सिवा क्या करूँ मैं अता,

प्रेम ही मेरी पूँजी तुम्हे है पता ।

तुमको देखूँ तो पलके झपकती नही ,

दिल को कैसे सँभालें हमे दो बता ।

अब जुदाई के बारे में सोचो न तुम ,

यूँ ही हँसते हुए आँख भर आए ना ।

हुस्न का रंग................

By : मुकेश पाण्डेय


Bohat hi aala darje ka kalaam hai

Dilkash lagi mujhe aapka andaaz-e-bayaan

Likhtey rahiye

Apne kalaam se nawaazte rahiye

MUKESH PANDEY 15th March 2017 09:50 PM

Quote:

Originally Posted by Rajeev Sharma (Post 493214)
lazwaaaaaaaaaaaaab ji bahut khub.................

tahe dil se dhanyvad rajiv ji ese hi duvaye dete rahiye.

MUKESH PANDEY 15th March 2017 09:52 PM

Quote:

Originally Posted by sunita virender (Post 493215)
areee wahhh...Mukesh ji...bahut hi khoobsurat likha hai aapne, aapko aaj pehli baar pad rhi hu...bahut accha lga aapko padkar.

:)

apka bahut aabhar sunita ji duvaye dete rahiye.


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