Shayri.com  

Go Back   Shayri.com > Shayri > Ghazal Section

Reply
 
Thread Tools Rate Thread Display Modes
चन्द पैसो के लिए
Old
  (#1)
Ketan Parmar Indori
Registered User
Ketan Parmar Indori is on a distinguished road
 
Offline
Posts: 2
Join Date: Aug 2013
Rep Power: 0
Post चन्द पैसो के लिए - 2nd August 2013, 09:32 PM

क्यों मुझे तुमने रुलाया चन्द पैसो के लिए
किस तरह भूखा सुलाया चन्द पैसो के लिए

कौन सी मुझसे बड़ी गलती हुई, क्या बात है
तुमने कैसे मुँह फिराया चन्द पैसो के लिए

आज मुझसे दूर कितना जा रहा तू सोच ले
किस तरह तूने भगाया चन्द पैसो के लिए

जां रखी मैंने हथेली पर तुम्हारे वास्ते
फिर कहो कैसे सताया चन्द पैसो के लिए

ख्व़ाब भी आया न जाने क्यों अधूरा, रात भर
ख्वाब में भी दिल दुखाया, चन्द पैसो के लिए

नींद गायब हो गयी है, चैन भी अब है कहाँ
क्यों मुझे काटा-चुभाया चन्द पैसो के लिए

Ketan Parmar Indori
   
Reply With Quote
Reply

Tags
ghazal

Thread Tools
Display Modes Rate This Thread
Rate This Thread:

Posting Rules
You may not post new threads
You may not post replies
You may not post attachments
You may not edit your posts

BB code is On
Smilies are On
[IMG] code is On
HTML code is Off

Forum Jump



Powered by vBulletin® Version 3.8.5
Copyright ©2000 - 2020, Jelsoft Enterprises Ltd.
vBulletin Skin developed by: vBStyles.com