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"साया जो तेरा पड़ जाए "
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MUKESH PANDEY
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Love "साया जो तेरा पड़ जाए " - 11th May 2016, 11:18 PM

साया जो तेरा पड़ जाए.....


तारीफ तेरे हुश्न की शब्दों में ना समाएगी,

ये हुश्न शब्द शायद तेरे लिए बना होगा ।

साया जो तेरा पड़ जाए गर किसी मरूस्थल में,

तो उस जगह पे फूलों का उपवन घना होगा ।



चेहरे की तेरे तुलना हम चाँद से करे क्या,

जो चाँद दाग वाला और खुद नहीं प्रकाशित है ।

तेरे बदन की तुलना चँदन से हम करें क्या,

ये बदन तेरा रानी अनमोल अपरिभाषित है ।

ना जाने बदन तेरा किस मिट्टी से बना होगा......

साया जो तेरा पड़ जाए................................



चेहरे को अपने ऐसे दर्पण में ना निहारो,

ये रूप का समंदर दर्पण में ना समाएगा ।

तसवीर तेरे चेहरे की कया कोई बनाए,

इतने हसीन रंग वो आखिर कहाँ से लाएगा ।

ना जाने चेहरा तेरा किस रंग से बना होगा ....

साया जो तेरा पड़ जाए.................................





अपनी नजर के तीर तुम ना इस कदर चलाओ,


हालत न बुरी हो जाए ऐसे में दीवाने की।

अपना सुहाना रूप तुम न इस कदर दिखाओ,

नजर कही न लग जाए इस बुरे जमाने की ।

परदे में तुझको अपना चेहरा ये ढाँकना होगा .....

साया जो तेरा पड़ जाए.................................



अपने बदन की खुश्बू उपवन में ना बिखेरो,

फूलों को छोड़ भँवरे भी तुमपे ही मचलते हैं ।

लाखों दीवाने मरते हैं आपकी अदाओं पर,

और, तुम मरोगी हम पर ऐलान आज करते हैं ।

एक दिन ये तेरा हुश्न रानी मुझपे ही फना होगा.......

साया जो तेरा पड़ जाए.................................

By : मुकेश पाण्डेय

Last edited by MUKESH PANDEY; 11th May 2016 at 11:23 PM..
   
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Madhu 14
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Madhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud of
 
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12th May 2016, 08:44 AM

husn ki tareef apne bade hee sundar shabdon me ki hai mukesh ji................aur hindi me kai din baad kuch padhne ko mila..achcha prayaas hai...likhte rahein......




अर्ज मेरी एे खुदा क्या सुन सकेगा तू कभी
आसमां को बस इसी इक आस में तकते रहे
madhu..
   
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MUKESH PANDEY
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12th May 2016, 05:54 PM

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Originally Posted by Madhu 14 View Post
husn ki tareef apne bade hee sundar shabdon me ki hai mukesh ji................aur hindi me kai din baad kuch padhne ko mila..achcha prayaas hai...likhte rahein......

शुक्रिया मधुजी । जल्द ही कुछ और रचनाए अपने ब्लोग पर रखने वाला हूँ और उन्हे shayri.com पर भी share करूँगा ।
   
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sameer'shaad'
~$uper M0der@tor~
sameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.comsameer'shaad' is the among the best Shayars at Shayri.com
 
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16th May 2016, 06:14 AM

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Originally Posted by MUKESH PANDEY View Post
साया जो तेरा पड़ जाए.....


तारीफ तेरे हुश्न की शब्दों में ना समाएगी,

ये हुश्न शब्द शायद तेरे लिए बना होगा ।

साया जो तेरा पड़ जाए गर किसी मरूस्थल में,

तो उस जगह पे फूलों का उपवन घना होगा ।



चेहरे की तेरे तुलना हम चाँद से करे क्या,

जो चाँद दाग वाला और खुद नहीं प्रकाशित है ।

तेरे बदन की तुलना चँदन से हम करें क्या,

ये बदन तेरा रानी अनमोल अपरिभाषित है ।

ना जाने बदन तेरा किस मिट्टी से बना होगा......

साया जो तेरा पड़ जाए................................



चेहरे को अपने ऐसे दर्पण में ना निहारो,

ये रूप का समंदर दर्पण में ना समाएगा ।

तसवीर तेरे चेहरे की कया कोई बनाए,

इतने हसीन रंग वो आखिर कहाँ से लाएगा ।

ना जाने चेहरा तेरा किस रंग से बना होगा ....

साया जो तेरा पड़ जाए.................................





अपनी नजर के तीर तुम ना इस कदर चलाओ,


हालत न बुरी हो जाए ऐसे में दीवाने की।

अपना सुहाना रूप तुम न इस कदर दिखाओ,

नजर कही न लग जाए इस बुरे जमाने की ।

परदे में तुझको अपना चेहरा ये ढाँकना होगा .....

साया जो तेरा पड़ जाए.................................



अपने बदन की खुश्बू उपवन में ना बिखेरो,

फूलों को छोड़ भँवरे भी तुमपे ही मचलते हैं ।

लाखों दीवाने मरते हैं आपकी अदाओं पर,

और, तुम मरोगी हम पर ऐलान आज करते हैं ।

एक दिन ये तेरा हुश्न रानी मुझपे ही फना होगा.......

साया जो तेरा पड़ जाए.................................

By : मुकेश पाण्डेय


bahut hi ummdah peshkahs hai mukesh ji..........................

aate rahen, likhte rahen...

shaad....


Shaad...
   
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geet, mohabbat ki shayri, mukesh pandey, shayri

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