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-   -   हम परदेसी हो गए ... (http://www.shayri.com/forums/showthread.php?t=80620)

pari 4th June 2021 12:59 AM

हम परदेसी हो गए ...
 
ये कुछ मेरे जज्बात है जो आप सभी के रूबरू कर रही हु...गर दिल को छू जाये तो अपने ख्याल जाहिर कीजियेगा ..

छोड़ के शहर अपना परदेसी हो गए
लौटे तो घर न मिला, दोस्त अजनबी हो गए

जो करते थे हर बात पे तकरार
उनकी बातों के सिलसिले अब कम हो गए

पहुंचे जब यार की महफ़िल में
कई रिश्ते थे नए, हम पुराने हो गए

तलाश रही थी नज़रें किसी एक को
जो कल तक थे हमारे, वो किसी और के हो गए

मुद्दत से थे जो दिल में गुमान
आईना दिखा गया, हम क्या से क्या हो गए

अकेले तो हमेशा रहते थे
अब लग रहा है हम तनहा हो गए

परी :)

zarraa 6th June 2021 11:29 PM

वाह ……………………………………………………… ख़ूबसूरत एहसास

aru 7th December 2021 06:32 PM

Quote:

Originally Posted by pari (Post 497423)
ये कुछ मेरे जज्बात है जो आप सभी के रूबरू कर रही हु...गर दिल को छू जाये तो अपने ख्याल जाहिर कीजियेगा ..

छोड़ के शहर अपना परदेसी हो गए
लौटे तो घर न मिला, दोस्त अजनबी हो गए

जो करते थे हर बात पे तकरार
उनकी बातों के सिलसिले अब कम हो गए

पहुंचे जब यार की महफ़िल में
कई रिश्ते थे नए, हम पुराने हो गए

तलाश रही थी नज़रें किसी एक को
जो कल तक थे हमारे, वो किसी और के हो गए

मुद्दत से थे जो दिल में गुमान
आईना दिखा गया, हम क्या से क्या हो गए

अकेले तो हमेशा रहते थे
अब लग रहा है हम तनहा हो गए

परी :)

Acchha likha hai aapne pari jee.....

akant 23rd June 2022 01:22 AM

Thanks
 
Quote:

Originally Posted by pari (Post 497423)
ये कुछ मेरे जज्बात है जो आप सभी के रूबरू कर रही हु...गर दिल को छू जाये तो अपने ख्याल जाहिर कीजियेगा ..

छोड़ के शहर अपना परदेसी हो गए
लौटे तो घर न मिला, दोस्त अजनबी हो गए

जो करते थे हर बात पे तकरार
उनकी बातों के सिलसिले अब कम हो गए

पहुंचे जब यार की महफ़िल में
कई रिश्ते थे नए, हम पुराने हो गए

तलाश रही थी नज़रें किसी एक को
जो कल तक थे हमारे, वो किसी और के हो गए

मुद्दत से थे जो दिल में गुमान
आईना दिखा गया, हम क्या से क्या हो गए

अकेले तो हमेशा रहते थे
अब लग रहा है हम तनहा हो गए

परी :)

Pari ji

Kitano dino baad aapko padh raha yaad nahi... Likhane ke pichhe ki dard bhari kashish saaf jhalak rahi hai. Har Sher aaine ki tarah surat bayaan ker rahe hai..daad qubul kijiye..

Shubhkamnao sahit
Akant...


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