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Baghbaan 22nd October 2020 03:29 PM

जो कुछ मलाल है सीने में, उसे यूँ ही तो मत रहने
 
जो कुछ मलाल है सीने में, उसे यूँ ही तो मत रहने दो
रक्खो दिल से इसका वास्ता, इसे अश्कों में तो बहने दो l

कब तक रहेंगे बेज़ुबां, कब तक न बरसे आसमां
अब इंतिहा भी हो गई, ख़ामोशी को ही अब कहने दो l

सुनता है जो सबकी मगर, करता वही जो ठीक है
मिल जाती है मंजिल उसे, जलते हैं जो, उन्हें जलने दो l

हर दर्द का आगाज़ यहीं, हर दर्द का अंजाम यहीं
जो ज़ख्म अभी तक गहरे हैं, उन्हें वक़्त दो, उन्हें भरने दो l

जहाँ ज़िक्र नहीं है आपका, वहाँ फ़िक्र नहीं है आपकी
ऐसी मुलाकातों में ग़र मिलना हो तो, यश, रहने दो l


(जसपाल)
Baghbaan

zarraa 28th October 2020 09:33 AM

waah ............................ bahaut khoob


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