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Forum: Ghazal Section Yesterday, 09:41 PM
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Posted By zarraa
अबके मिलोगे तो तुम मिलकर क्या पहचानोगे मुι

अबके मिलोगे तो तुम मिलकर क्या पहचानोगे मुझको
जब बदलेगा मेरा नम्बर क्या पहचानोगे मुझको

कितने सुख-दुख बांट लिए हैं ज़ूम पे और व्हाट्ऐप पे तो
लेकिन सचमुच के मिलने पर क्या पहचानोगे मुझको

मास्क के...
Forum: Shayri-e-Dard Yesterday, 09:39 PM
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Posted By zarraa
Wah ……………………………………………………………………………………… wah

Wah ……………………………………………………………………………………… wah
Forum: Shayri-e-Dard Yesterday, 09:38 PM
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Posted By zarraa
Wah ………………………………………………………… bahaut khoob

Wah ………………………………………………………… bahaut khoob
Forum: Shayri-e-Ishq 19th June 2022, 03:23 PM
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Posted By zarraa
mujhko ulfat ki hi saza dena

मुझको उल्फ़त की ही सज़ा देना
चाहे इल्ज़ाम कुछ लगा देना

शब वो गुज़रेंगे मेरे हुजरे* से
शाम को ही दिया बुझा देना
*कोठरी

वो भी अब झूट बोलता है सुना
आइने को मुझे दिखा देना
Forum: Shayri-e-Ishq 19th June 2022, 03:21 PM
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Posted By zarraa
aahaahhaa bahaut khoobsurat gazal shaad bhai

aahaahhaa bahaut khoobsurat gazal shaad bhai
Forum: Ghazal Section 11th June 2022, 06:58 PM
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Posted By zarraa
aasmaaN mera talabgaar bhi hai

आसमां मेरा तलबगार* भी है
अब क़फ़स** उड़ने को तैयार भी है
*इच्छुक **पिंजरा

इसकी हर शर्त से इंकार भी है
और दुनिया से मुझे प्यार भी है

मैं हूं नादां तो जुनूं रखता हूं
जो...
Forum: Shayri-e-Dard 29th May 2022, 01:22 AM
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Posted By zarraa
kisi patthar ka bhi asar na hua

किसी पत्थर का भी असर ना हुआ
इस शजर पर कोई समर ना हुआ

दर्द पाया तो चैन आया है
बेहिसी में मेरा गुज़र ना हुआ

यूं ही रूदाद-ए-ग़म नहीं पूछो
कि बयां इसका मुख़्तसर ना हुआ

क़तरे क़तरे से है बना...
Forum: Ghazal Section 1st May 2022, 11:58 PM
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Posted By zarraa
vaade na yaad keejie yaadeiN bhulaaie

वादे न याद कीजिए यादें भुलाइए
टूटे खिलौने हैं ये नए ले के आइए

बेज़ार यूं रहेंगे ज़माने से कब तलक
बनते नहीं हैं दोस्त तो दुश्मन बनाइए

कानों में तो सभी के इयरफ़ोन है लगा
बेहतर है मुँह पे आप...
Forum: Ghazal Section 1st May 2022, 11:57 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh ……………………………………… Waaahhhh

Waaahhhh ……………………………………… Waaahhhh
Forum: Shayri-e-Ishq 20th March 2022, 09:40 AM
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Posted By zarraa
pehle jaise hi ban jaao ya mujhko ye lagne do

पहले जैसे ही बन जाओ या मुझको ये लगने दो
तुम मेरी बातों में आओ या मुझको ये लगने दो

मैंने तुमको ध्यान में रखकर कितने नग़्मे लिक्खे हैं
उनको अपनी धुन में गाओ या मुझको ये लगने दो

इन सीधी-सादी...
Forum: Shayri-e-Dard 20th March 2022, 09:37 AM
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Posted By zarraa
kya kehne………………………………………….waah

kya kehne………………………………………….waah
Forum: Ghazal Section 21st February 2022, 11:12 PM
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Posted By zarraa
kabhi dulhan kabhi jogan to kabhi saajan meN

कभी दुल्हन कभी जोगन तो कभी साजन में
कितने रूपों में मुझे ढलना पड़ा जीवन में

मैंने सोचा था वो बाँधेगा मुझे बंधन में
खोल के उसने मुझे डाल दिया उलझन में

कभी झुमके कभी पायल तो कभी कंगन में...
Forum: Ghazal Section 29th January 2022, 11:11 PM
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Posted By zarraa
tarahi gazal - Galib ki zameen mein

तरही ग़ज़ल - ग़ालिब की ज़मीन में कोशिश माज़रत के साथ

अब चराग़ों का क्या करे कोई
रात दिन जब जला करे कोई

ज़िक्र उसका हुआ करे पर क्यूँ
मेरे आगे किया करे कोई

गिरह
ख़ुद को मक़्तूल* कर गया...
Forum: Ghazal Section 29th January 2022, 02:00 AM
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Posted By zarraa
hum aur kya haiN bas armaan tum shaheedoN ke

हमारी हस्तियां एहसान तुम शहीदों के
हम और क्या हैं बस अरमान तुम शहीदों के

इसी के वास्ते ख़ुद को सुधारना है हमें
फुज़ूल जाएँ न बलिदान तुम शहीदों के

बस अपना फ़र्ज़ ही देखा न मुश्किलें देखीं
हुए...
Forum: Shayri-e-Dard 29th January 2022, 01:58 AM
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Posted By zarraa
Wah Wah ………………………………………………………. Bahaut Khoob Zainy...

Wah Wah ………………………………………………………. Bahaut Khoob Zainy Ji
Forum: Ghazal Section 23rd January 2022, 05:14 PM
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Posted By zarraa
maiNne ik bachche ke haathoN meN khilauna dekha

तरही ग़ज़ल - अकबर अलाहाबादी के मिसरे पर

ज़िंदगी जीने का नायाब तरीक़ा देखा
मैंने इक बच्चे के हाथों में खिलौना देखा

शब को देखा था तुम्हें या कोई तुम सा देखा
चाँद था शमअ थी जुगनू थे कि सपना देखा...
Forum: Shayri-e-Dard 15th January 2022, 07:55 PM
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Posted By zarraa
bhulake bhi unki jafa yaad aae

भुलाके भी उनकी जफ़ा याद आए
सितम है कि लब पे मगर दाद आए

कहा था उठा दो मुझे इस जहां से
कई हाथ करने को इमदाद* आए
*सहायता

किसी की नजर लग सके इसके पहले
हमीं ख़ुद को करके हैं बर्बाद आए
Forum: Aapki Shayri 7th January 2022, 11:00 PM
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Posted By zarraa
nazm - dil hai hindustani

नज़्म - दिल है हिन्दुस्तनी (प्रवासी भारतीय दिवस के मौक़े पर)

यारों हम तो हैं सैलानी
हमने ख़ाक जहां की छानी
अपना तन-मन दुनिया का है
लेकिन दिल है हिन्दुस्तानी

मुल्कों मुल्कों घूमे हैं हम...
Forum: Shayri-e-Ishq 30th December 2021, 11:05 PM
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Posted By zarraa
tarahi gazal - humne kis kis ko

तरही ग़ज़ल - हबीब जालिब के मिसरे पर कोशिश

इस तरह रब्त बिछड़ के भी बनाए रक्खा
अहद जो कर नहीं पाए वो निभाए रक्खा

तेरी यादों के चराग़ों को जलाए रक्खा
सुब्ह को भी शब-ए-फ़ुरक़त सा सजाए रक्खा
...
Forum: Shayri-e-Ishq 30th December 2021, 11:03 PM
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Posted By zarraa
kya kahne waaahhhh bahaut khoob

kya kahne waaahhhh bahaut khoob
Forum: Shayri-e-Dard 30th December 2021, 11:01 PM
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Posted By zarraa
wah bahaut khoobsurat gazal zainy ji

wah bahaut khoobsurat gazal zainy ji
Forum: Shayri-e-Dard 12th December 2021, 07:05 PM
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Posted By zarraa
maayoosiyoN ke shaam-o-sahar kaaT’te raho

मायूसियों के शाम-ओ-सहर काटते रहो
ये बीतते नहीं हैं मगर काटते रहो

इक रोज़ इसमें सोच नई आएगी ज़रूर
हर रोज़ अपने दोश* से सर काटते रहो

यूं ही ना कह रहा हूँ मैं लख़्त*-ए-जिगर तुम्हें
यानी कि...
Forum: Shayri-e-Dard 12th December 2021, 07:03 PM
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Posted By zarraa
bahaut khoob Zainy ji WAAAHHHHH

bahaut khoob Zainy ji WAAAHHHHH
Forum: Ghazal Section 16th November 2021, 01:18 AM
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Posted By zarraa
neeNd khulti hai meri KHvaab tak aate aate

ग़ज़ल

नींद खुलती है मेरी ख़्वाब तक आते आते
सुब्ह हो जाती है महताब तक आते आते

किस सलीक़े से फ़साना मेरा तहरीर* हुआ
हो गया ख़त्म मेरे बाब* तक आते आते
*लिखना *अध्याय
...
Forum: Ghazal Section 16th November 2021, 01:16 AM
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Posted By zarraa
Bahaut khoob …………………………………………………… Waah waaahh

Bahaut khoob …………………………………………………… Waah waaahh
Forum: Shayri-e-Ishq 16th November 2021, 01:13 AM
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Posted By zarraa
Bahaut Khoob ………………………………………… waah

Bahaut Khoob ………………………………………… waah
Forum: Shayri-e-Dard 16th November 2021, 01:10 AM
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Posted By zarraa
wah …………………………………………………………………… wah

wah …………………………………………………………………… wah
Forum: Shayri-e-Dard 30th October 2021, 07:56 PM
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Posted By zarraa
kin ujlatoN meN hai jeevan ka kaarobaar kiya

किन उजलतों* में है जीवन का कारोबार किया
कि जान बेचके मरने का इंतज़ार किया
*जल्दबाज़ियों

न चाहकर भी मेरे फ़न की आबयारी* की
मुझे जब अहल-ए-जहां ने है अश्क्बार किया
*सिंचाई

बडे़ ही नाज़ से...
Forum: Aapki Shayri 30th October 2021, 07:49 PM
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Posted By zarraa
Waahh ………………………………………………………… waah

Waahh ………………………………………………………… waah
Forum: Hindi/Urdu Lyrics 30th October 2021, 07:48 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh ………………………………………………………………………………… Bahaut...

Waaahhhh ………………………………………………………………………………… Bahaut Khoob
Forum: Shayri-e-Dard 16th October 2021, 11:24 AM
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Posted By zarraa
Hum Log - 2

हम लोग - 2

ज़ियादा अशआर हो जाने की वजह से नज़्म को 2 भाग में पेश किया है

लाख रंगों में हैं रंगे हम लोग
एक मिट्टी से हैं बने हम लोग

साफ़-शफ़्फ़ाफ़* इस तरह से थे
के किसी को नहीं दिखे हम लोग...
Forum: Shayri-e-Dard 1st October 2021, 11:58 AM
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Posted By zarraa
zeest kuchh pal ke intiKHaab ka naam

ज़ीस्त* कुछ पल के इंतिख़ाब** का नाम
और फिर उम्र-भर हिसाब का नाम
*जीवन **चयन

जावेदां* और ला-ज़वाल** है वो
हुस्न होता नहीं शबाब*** का नाम
*हमेशा रहनेवाला ...
Forum: Shayri-e-Mashahoor Shayar 1st October 2021, 11:57 AM
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Posted By zarraa
Waaahhhh ………………………………… Laajawaab Gazal

Waaahhhh ………………………………… Laajawaab Gazal
Forum: Aapki Shayri 21st September 2021, 07:13 AM
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Posted By zarraa
nazm … hindi divas ke baad bhi

नज़्म … हिंदी दिवस के बाद भी

प्यार करते हैं मान रखते हैं
बडे़ छोटे का ध्यान रखते हैं
सर झुका कर ज़मीं के चरणों पर
आँख में आसमान रखते हैं
लोच रखते बला का लहजे में
और शब्दों में ज्ञान रखते हैं...
Forum: Aapki Shayri 21st September 2021, 07:12 AM
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Posted By zarraa
waah …………………………………………………………………………… bahaut khoob

waah …………………………………………………………………………… bahaut khoob
Forum: Aapki Shayri 21st September 2021, 07:09 AM
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Posted By zarraa
वाह ………………………………………………………… बहुत ख़ूब

वाह ………………………………………………………… बहुत ख़ूब
Forum: Anjuman-e-Shayri 19th September 2021, 11:50 AM
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Posted By zarraa
नज़्म … हिंदी दिवस के बाद भी

नज़्म … हिंदी दिवस के बाद भी

प्यार करते हैं मान रखते हैं
बडे़ छोटे का ध्यान रखते हैं
सर झुका कर ज़मीं के चरणों पर
आँख में आसमान रखते हैं
लोच रखते बला का लहजे में
और शब्दों में ज्ञान रखते हैं...
Forum: Anjuman-e-Shayri 19th September 2021, 11:49 AM
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Posted By zarraa
Wah …………………………………………………………………………………… wah

Wah …………………………………………………………………………………… wah
Forum: Shayri-e-Sharaab 19th September 2021, 11:48 AM
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Posted By zarraa
laajawaab ………………………………………………………… bemisaal

laajawaab ………………………………………………………… bemisaal
Forum: Shayri-e-Dard 4th September 2021, 08:28 PM
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Posted By zarraa
Hum Log 1

हम लोग - 1

दोस्तों … ज़ियादा शेर हो जाने की वजह से 2 नज़्मों में पेश कर रहा हूँ

कभी अच्छे कभी बुरे हम लोग
एक-दूजे के आइने हम लोग

ज़िंदगी थी कि जी गई हम को
ज़िंदगी को कहाँ जिये हम लोग
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